ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष वैष्णव जी धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठानों के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्य के रूप में प्रसिद्ध हैं। बाल्यकाल से ही उनकी रुचि धर्म, अध्यात्म एवं सनातन संस्कृति की ओर रही, जिसके कारण उन्होंने उज्जैन के प्रसिद्ध आस्था गुरुकुल से वैदिक शिक्षा एवं कर्मकांड का गहन अध्ययन किया। आचार्य संतोष वैष्णव जी को समस्त प्रकार के वैदिक अनुष्ठानों, पूजन-विधियों एवं धार्मिक संस्कारों का गहरा ज्ञान प्राप्त है। वे पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से भक्तों की श्रद्धा एवं विश्वास के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों को पूर्ण वैदिक पद्धति एवं शास्त्रोक्त विधि द्वारा सम्पन्न करा रहे हैं। विशेष रूप से कालसर्प दोष पूजा, महामृत्युंजय जाप, दुर्गा सप्तशती पाठ, रुद्राभिषेक, ग्रह शांति पूजा, नवग्रह पूजन एवं विभिन्न दोष निवारण अनुष्ठानों में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है। आचार्य संतोष वैष्णव जी प्रत्येक पूजा एवं अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
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!! जय श्री महाकाल !! क्या है "कालसर्प योग" सामान्यतः जन्म कुंडली के बाकी सात ग्रह राहु और केतु... READ MORE..
मंगल ग्रह यदि जन्मकुंडली के लग्न, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव, द्वादश भाव में हो तो कुंडली को... READ MORE..
महर्षि नारद के अनुसार- अनेन विधिनां सम्यग्वास्तुपूजां करोति य:। आरोग्यं पुत्रलाभं च धनं धान्यं लभेन्नदर:॥ READ MORE..
महामृत्युंजय मंत्र वेदों में सबसे प्राचीन वेद यजुर्वेद का एक मन्त्र है जो की भगवान शिव जाने, महामृत्युंजय जाप के लाभ READ MORE..
अर्क विवाह से पुरुषों के विवाह में आ रहे समस्त प्रकार के दोषो से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है| जाने, अर्क विवाह क्या है? READ MORE..
84 महादेव पूजन भगवान महादेव के 84 पवित्र स्वरूपों की आराधना का विशेष अनुष्ठान माना जाता है। यह पूजा जीवन की विभिन्न समस्याओं को दूर करने, सुख-समृद्धि प्राप्त करने और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए करवाई जाती है। मान्यता है कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार बाधाएँ, ग्रह दोष, आर्थिक समस्याएँ, पारिवारिक कलह, रोग या मानसिक तनाव हो, तो 84 महादेव पूजन कराने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। यह अनुष्ठान मनोकामना पूर्ति, व्यापार और करियर में सफलता, विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने तथा पितृ दोष शांति के लिए भी कराया जाता है। साथ ही, यह पूजा भक्त को आध्यात्मिक शांति, आत्मबल और भगवान शिव के प्रति गहरी श्रद्धा प्रदान करती है। इसलिए 84 महादेव पूजन को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
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मेष ओर वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल है भगवान मंगल का जन्म स्थान उज्जैन है और मंगल ग्रह कर्क रेखा पर स्थापित हे भगवान मंगल शिव स्वरूप मे विराजमान हैं जातक की जन्म लग्न पत्रिका में 1 4 7 8 12 स्थान पर यदि मंगल हो तो जातक मांगलिक होता है समस्या विवाह मे अवरोध व्यापार कार्यक्षेत्र व्यवसाय संतान सुख मे अवरोध उपाय मंगल शांति के लिए भात पूजन और गुलाल पूजन जाप अनुष्ठान